आईआरडीए ने एक्सपोजर ड्राफ्ट जारी किया है जिसके मुताबिक इंश्योरेंस कंपनियों को 65 साल की उम्र तक के लोगों को पॉलिसी देनी होगी।
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को अपनी पॉलिसी में पूरे देश के मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल को कवर करना होगा। साथ ही, सरकारी हॉस्पिटल में कराए गए नॉन-एलोपैथी इलाज का खर्चा भी देना होगा।
पूरे डॉक्यूमेंट मिलने के 30 दिन में कंपनियों को क्लेम सेटल करना होगा। साथ ही, कागजात वक्त पर न मिलने के आधार पर क्लेम रिजेक्ट नहीं हो सकेगा। 1 बार पॉलिसी देने के बाद कंपनियां पॉलिसी रिन्यू करने से इनकार नहीं कर सकती हैं।
मेडिकल चेकअप का 50 फीसदी खर्चा ग्राहकों को उठाना होगा। फ्री लुक पीरियड में पॉलिसी लौटाने पर चेकअप का खर्च ग्राहकों करना पड़ेगा।
जीवन बीमा कंपनी को 4 साल की हेल्थ पॉलिसी बनानी होगी। जबकि, गैर-जीवन बीमा कंपनियां 3 साल से ज्यादा की पॉलिसी नहीं दे सकेंगी। ग्रुप हेल्थ पॉलिसी 1 साल के लिए बनाई जाएगी।
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