बैंक पुराने होम लोन ग्राहकों के साथ भेदभाव कर रही हैं। देश के 3 बड़े बैंक पुराने होम लोन ग्राहकों से घटी हुई ब्याज दरों का फायदा लेने के लिए मोटी फीस वसूल रहे हैं। इससे पुराने ग्राहकों को नुकसान हो रहा है।
हालांकि आरबीआई भी बैंकों से कह चुका है कि नए और पुराने ग्राहकों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए इसके बावजूद बैंक नियमों को ताक पर रखकर अपने ग्राहकों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। बैंकों की ओर से होम लोन पर घटी हुई ब्याज दरों का फायदा सिर्फ नए ग्राहकों को पहुंचाया जा रहा है। वहीं सस्ती दरों का फायदा उठाने के लिए पुराने ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है।
बचे हुए लोन पर सस्ते ब्याज के लिए एसबीआई की ओर से 1 फीसदी का शुल्क वसूला जा रहा है। इसके अलावा एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक की ओर से सस्ते ब्याज के लिए 0.5 फीसदी शुल्क के साथ सर्विस टैक्स वसूला जा रहा है।
ग्राहकों की शिकायत है कि ब्याज दरें बढ़ाते समय सभी ग्राहकों के होम लोन की ब्याज दरें बढ़ा दी जाती हैं। लेकिन ब्याज दरें घटाते समय पुराने ग्राहकों से फीस वसूलने का क्या तुक है। पुराने और नए ग्राहकों से एक समान ब्याज दरें वसूलने का नियम अमल में लाने के लिए रिजर्व बैंक की सिन्हा कमेटी काम कर रही है। माना जा रहा है कि 1 महीने में सिन्हा कमेटी की रिपोर्ट आने की संभावना है।
No comments:
Post a Comment