Friday, 3 August 2012

रमजान पर भारी पड़ रही महंगाई की मार

रमजान का मुबारक महीना शुरू हो चुका है, पर इस बार महंगाई रमजान महीने पर भारी पड़ रही है। इफ्तार और सेहरी करने वालों के लिए खाने-पीने के सामान के दाम आसमान छू रहे हैं।

लजीज पकवान रमजान की जान हैं। दिन भर रोजा रखने के बाद इन्हीं पकवानों से रोजा खोला जाता है। लेकिन इस साल इनका स्वाद फीका हो गया है और वजह है महंगाई। रमजान में बिकने वाला कोई भी व्यंजन ले लीजिए सब कुछ बेहद मंहगा हो गया है।

खजूर के दाम 25-35 फीसदी तक बढ़ चुके हैं और ये 200-240 रुपये किलो तक बिक रहा है। वहीं मालपुए के दाम में भी करीब 30-35 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। फिरनी के दाम भी 15 फीसदी बढ़ गए हैं और ये 35 रुपये की बिक रही है। चिकन के दाम में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं मटन की कीमत देखें तो ये 30 फीसदी बढ़कर 330 रुपये किलो तक मिल रहा है। और फल तो महंगे हुए ही हैं।

कारोबारियों के मुताबिक कच्चे माल की ऊंची कीमत के चलते उन्हें पकवानों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। और वो भी इसका खामियाजा भुगत रहे हैं क्योंकि इनकी बिक्री में करीब 30 फीसदी तक की गिरावट आई है। रमजान महीने में रोजे रखना बहुत ही पाक होता है, पर खाने-पीने के सामानों की महंगाई ने इस त्यौहार का रंग फीका कर दिया है।

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http://hindi.moneycontrol.com/tv/view_video.php?autono=62081

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